[Update: 15 December 2008, 10:25 AM] मैं क्षमा चाहता हूं, पर इस कॉमिक स्ट्रिप के हिन्दी अनुवाद वाले डाउनलोड लिंक के साथ कुछ गङबङी हो गयी थी, जो कि अब सुधार दी गयी है. अब आप दोनों वर्जन्स का आनन्द उठा सकते हैं. |
महाबली वेताल और जादूगर मैन्ड्रेक जैसे कालजयी चरित्रों के रचनाकार ली फ़ॉक ने १९३४ से लेकर १९९९ (जिस वर्ष उनकी मृत्यु हुई) तक लगातार पैंसठ वर्षों तक इन दोंनो नायकों की कहानियों पर काम किया और कुल मिलाकर ६०० से भी अधिक कहानियाँ लिखीं. उनकी मृत्यु के बाद कई अन्य कलाकारों ने इन चरित्रों की कहानियों पर आगे काम किया, पर और कोई भी फ़ॉक जैसा जादू पैदा नहीं कर सका. हालाँकि बदलते समय में लोगों की रुचियों में भी कुछ बदलाव आया और कुछ हद तक यह भी एक कारण रहा कि कथानक और चरित्र-चित्रण में काफ़ी अन्तर देखने को मिलने लगा. लेकिन वेताल और मैन्ड्रेक के पुराने शौकीनों को इन परिवर्तन से अधिकांशतः निराशा ही हाथ लगी क्योंकि ली फ़ॉक की मूल कहानियों की तुलना में इनका स्वाद काफ़ी फ़ीका और कहीं-कहीं तो अजीब सा था. कई स्थान पर नये लेखकों ने मूल चरित्रों के साथ काफ़ी स्वतन्त्रता भी लेने की कोशिश की और इसका भी परिणाम कोई बेहतर नहीं निकला. पर यह कहना भी ठीक नहीं होगा कि बाद की सभी कहानियाँ बिल्कुल ही स्तरहीन हैं. किसी किसी कहानी में रोचक तत्व भी देखने को मिल जाते हैं. और कुछ कमियों के बावजूद फ़िर भी वेताल तो वेताल ही है. जिस चरित्र को बचपन से पढ़ते और पसन्द करते आये हों, उसकी नयी कथा के प्रति कुछ न कुछ आकर्षण तो बना ही रहेगा ना. आज भी विश्व के अनेक देशों में इन कहानियों का प्रकाशन समाचार पत्रों में सन्डे या डेली स्ट्रिप के रूप में हो रहा है और इन्हें पसन्द करने वालों की एक बड़ी संख्या है.

आज की पोस्ट में वेताल की एक ऐसी ही कहानी प्रस्तुत है. इसके लेखक हैं डी पॉल और चित्र बनाये हैं ग्राहम नोलान ने. यह कहानी एक सन्डे स्ट्रिप के रूप में ४ अप्रैल २००४ से २६ सितम्बर २००४ तक छ्पी थी. हालाँकि इन्द्रजाल कॉमिक्स का प्रकाशन इससे बहुत पहले, वर्ष १९९० में ही बंद कर दिया गया था, और इस कारण यह कहानी उसमें कभी नहीं छपी.लेकिन इस पोस्ट में मेरे लिये जो सबसे ज्यादा उत्साह की बात है वो ये कि इस कहानी के लिये अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद एवम पेनल्स के बातचीत के गुब्बारों (Dialogue Balloons) में हिन्दी शब्दों का अंकन मैंने स्वयं किया है. कुल २६ पेज की कहानी ने लगभग दो घण्टे प्रतिदिन के हिसाब से काम करते हुए भी दस दिन खर्च करवा लिये. खैर अन्तिम परिणाम सुखद ही लग रहा है, तो बस, सारी थकान दूर, मेहनत वसूल.
वेताल कथाओं के हिन्दी अनुवाद की चर्चा हम पहले भी कर चुके हैं. इन्द्रजाल कॉमिक्स का हिन्दी अनुवाद बेहतरीन हुआ करता था, डायमन्ड कॉमिक्स का घटिया. मैंने कहां तक सफ़लता पायी है, पढ़ने वाले ही बतायेंगे.
तो आप लोग आनन्द लीजिये इस कथा का. हिन्दी एवम अंग्रेजी दोनों वर्जन्स के लिंक नीचे दिये हैं.
हिन्दी में वेताल सन्डे कॉमिक स्ट्रिप
#S160 वाइकिंग किले का रहस्य
कथा: टोनी डी पॉल चित्र: ग्राहम नोलान
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